प्रेम एक प्रकाश है…
✍️ अनिल रूषी तुलकाने
प्रेम एक प्रकाश है, जो अंधेरों में राह दिखाता है,
टूटे हुए दिल को फिर जीना सिखाता है।
न कोई शर्त, न कोई सौदा इसमें होता है,
सच्चा प्रेम तो बस आत्मा से जुड़ा होता है।
जब दुनिया ठुकरा दे, प्रेम सहारा बन जाता है,
सूखे हुए मन में जैसे सावन उतर आता है।
नफ़रत की दीवारें भी पल में ढह जाती हैं,
जब प्रेम की किरणें दिल को छू जाती हैं।
प्रेम कोई शब्द नहीं, एक पवित्र एहसास है,
जिसमें छुपा ईश्वर का सबसे सुंदर प्रकाश है।
जो प्रेम बाँटना सीख गया इस संसार में,
वही सबसे अमीर है इस झूठे बाज़ार में।
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